उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन जारी है। राज्य सरकार की जीरो टोलरेंस नीति के बावजूद भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम हरिद्वार जिले के रुड़की में सामने आया, जहां आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को प्रमोशन के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सपना कश्यप, जो कि आंगनबाड़ी सहायिका (केंद्र संख्या 7, भौरी, रुड़की ग्रामीण द्वितीय) के पद पर कार्यरत हैं, ने सतर्कता विभाग को बताया कि प्रमोशन के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत की पुष्टि होते ही सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी राखी सैनी को 50 हजार रुपये लेते हुए दबोच लिया।
सतर्कता विभाग ने बताया कि आरोपी के खिलाफ तुरंत गिरफ्तारी की गई और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और यह संदेश साफ किया गया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित की जा सके।




