उत्तराखंड में भी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एहतियात और जागरूकता को लेकर सरकार सक्रिय हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से शांति, संयम और एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी वैश्विक संकट का सामना घबराहट से नहीं, बल्कि समझदारी और सामूहिक प्रयास से किया जाता है।
मुख्यमंत्री का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में दिए गए आश्वासन के बाद आया है। प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा में कहा कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और देश हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सीएम धामी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देश और प्रदेश ने जिस तरह एकजुट होकर मुश्किल हालात का सामना किया था, वही उदाहरण आज भी प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उस समय सीमित संसाधनों के बावजूद लोगों ने धैर्य और अनुशासन के साथ एक बड़ी चुनौती को पार किया था।
उन्होंने प्रदेशवासियों से विशेष रूप से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। “यह समय सजग रहने का है, न कि डरने का,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और हर स्थिति की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर त्वरित कदम उठाने के लिए सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारत जैसे देशों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में सरकार और जनता के बीच समन्वय बेहद अहम हो जाता है। फिलहाल सरकार की ओर से हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भरोसा जताया कि यदि सभी लोग संयम और एकजुटता बनाए रखें, तो किसी भी चुनौती का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।




