उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है। होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी खरीद घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कदम उठाते हुए निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए संयुक्त जांच समिति के गठन के निर्देश दिए गए हैं।
यह घोटाला वित्तीय वर्ष 2024-25 में सामने आया, जब होमगार्ड्स के लिए वर्दी सामग्री की खरीद में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से बाजार मूल्य से लगभग तीन गुना अधिक दरों पर सामान की खरीद की गई। एक करोड़ रुपये के सामान का भुगतान तीन करोड़ रुपये दर्शाकर किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि 130 रुपये का डंडा 375 रुपये में, 500 रुपये के जूते 1500 रुपये में, 1200 रुपये की पेंट-शर्ट 3000 रुपये में और 500 रुपये की जैकेट 1580 रुपये में खरीदी गई। महानिदेशक होमगार्ड्स पीवीके प्रसाद ने बाजार दरों और टेंडर रेट में भारी अंतर पाए जाने पर तत्काल जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया और आरोपी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, लगभग दो करोड़ रुपये की रिकवरी तथा सेवा से बर्खास्तगी की संस्तुति शासन को भेजी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने निलंबन की कार्रवाई को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घोटाले के उजागर होने के बाद विभाग में वर्दी खरीद पर पहले ही रोक लगा दी गई थी। निलंबन की कार्रवाई से सरकार का सख्त संदेश स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।




