उत्तराखंड में वन आरक्षियों को बड़ा तोहफा, 83 बने वन दरोगा

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उत्तराखंड शासन ने नए साल पर कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। लंबे समय से लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को गति देते हुए साल 2021 के बाद अब बड़े स्तर पर वन आरक्षियों को पदोन्नति देकर वन दरोगा बनाया गया है। इस फैसले से न केवल वर्षों से इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिली है, बल्कि विभाग में फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी।

वन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार कुल 83 वन आरक्षियों को वन दरोगा पद पर पदोन्नति दी गई है। यह प्रक्रिया काफी समय से लंबित थी, और इसे लेकर विभाग के अंदर लगातार मांग उठती रही।

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प्रमोशन के लिए गठित चयन समिति ने कुल 116 कर्मियों को वन दरोगा पद पर पदोन्नति देने की संस्तुति की थी। समिति ने सभी अभिलेख, सेवा अवधि और अन्य मानकों पर गहन विचार किया। फिलहाल केवल 83 पद रिक्त होने के कारण इन कर्मियों का प्रमोशन ही जारी किया गया है। शेष कर्मियों का प्रमोशन आगे रिक्त पदों के सापेक्ष किया जाएगा।

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प्रमोशन पाने वाले 83 वन कर्मियों को अभी उनकी वर्तमान तैनाती पर कार्यभार सौंपा गया है। भविष्य में रिक्त पदों के अनुसार उनकी नई तैनाती भी की जाएगी, ताकि फील्ड कार्य और मजबूत हो सके।

इस आदेश को अपर प्रमुख वन संरक्षक (मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक) मीनाक्षी जोशी ने जारी किया। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।

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वन दरोगा पद पर बड़ी संख्या में कर्मियों की तैनाती से जंगलों की निगरानी, मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटना और संरक्षण कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, वन आरक्षी पदों पर अब नई भर्ती के लिए रिक्तियां आएंगी, जिससे राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह कदम विभागीय ढांचे को सशक्त करने के साथ-साथ वन संरक्षण और रोजगार दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

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