उत्तराखंड में वर्ष 2026 के पहले ही दिन पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने वाले आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए पूरे हरिद्वार जिले में 62 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में जिले के सभी थाना और कोतवाली क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और संगठित गिरोहों की सूची तैयार की गई थी। इनके आपराधिक रिकॉर्ड, नेटवर्क और गतिविधियों का गहन विश्लेषण करने के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस का उद्देश्य जिले में अपराध के ग्राफ को प्रभावी रूप से कम करना है।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमों का विवरण इस प्रकार है—
श्यामपुर थाना से 3, कनखल थाना से 6, ज्वालापुर कोतवाली से 2, रानीपुर कोतवाली से 4, सिडकुल थाना से 5, बहादराबाद थाना से 7, कलियर थाना से 1, रुड़की कोतवाली से 3, गंगनहर कोतवाली से 3, पथरी थाना से 5, लक्सर कोतवाली से 7, मंगलौर कोतवाली से 8, भगवानपुर थाना से 6 और बुग्गावाला थाना से 2 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरिद्वार जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने बताया कि जिन 62 आदतन अपराधियों पर कार्रवाई की गई है, वे लंबे समय से संगठित गिरोह बनाकर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे। इसके अलावा अभी भी कई गिरोहों के सरगना और सदस्य पुलिस की रडार पर हैं, जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके।




