उत्तराखंड में संत रविदास जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के बाद हिंसा भड़क उठी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में प्रसाद वितरण के दौरान एक ही पक्ष के दो गुटों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले पत्थरबाजी हुई और इसके बाद फायरिंग शुरू हो गई। इस घटना में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह घटना रविवार 1 फरवरी की है। जानकारी के अनुसार शोभायात्रा शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरण के समय किसी बात को लेकर दोनों गुट आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। कुछ ही देर में फायरिंग शुरू हो गई, जिसमें 28 वर्षीय आनंद पुत्र लक्ष्मीकांत को गोली लग गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके भाई विकास (25 वर्ष) और योगेंद्र (27 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूसरे गुट का युवक मांगेराम भी गोली लगने से घायल हुआ था। सभी घायलों को उपचार के लिए रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान मांगेराम की भी मौत हो गई। इस तरह फायरिंग की इस घटना में कुल दो लोगों की जान चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने का विरोध किया। हालात को संभालने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर ली जा रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने अब तक 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एक पक्ष की ओर से आठ लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा और आगजनी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से 18 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की लगातार निगरानी जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।




