लापरवाही: गीता की गुहार पर सुरक्षा मिल जाती तो नहीं होती जगदीश की हत्या

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झूठी शान में हत्या

दलित नेता की हत्या से 3 दिन पहले पत्नी ने लगाई थी एसएसपी कार्यालय में सुरक्षा की गुहार
शादी के बाद से सौतेला पिता और भाई दोनों की हत्या की दे रहे थे लगातार धमकी

सल्ट (अल्मोड़ा)। कॉर्बेट हलचल
सवर्ण युवती से शादी करने वाले सल्ट के पनुवाधौखन निवासी जगदीश चंद्र की हत्या में पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। दरअसल, दलित नेता से शादी करने वाली गीता (गुड्डी) ने युवती ने अपनी और अपने पति की जान को खतरा बताते हुए अल्मोड़ा एसएसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। हत्या से 3 दिन पहले दी गई दरख्वास्त पर अगर पुलिस सक्रिय हो जाती, तो गीता का सुहाग नहीं उजड़ता।

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दलित से शादी के फैसले पर सिर्फ मां थी साथ
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके इस ऊर्जावान युवक का गुनाह एक ऐसी सवर्ण युवती से विवाह करना था जो खुद अपने घर में सौतेले पिता और भाई का उत्पीड़न सह रही थी। दलित नेता से विवाह के फैसले पर सिर्फ उसकी मां ही उसके साथ थी। सौतेला पिता और भाई तो अंतरजातीय विवाह करने पर उन दोनों को मार डालने की धमकी देते थे।

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पति की हत्या से 3 दिन पहले एसएसपी कार्यालय अल्मोड़ा को सुरक्षा के लिए गीता की ओर से दिया गया आवेदन।

सौतेले बाप से तंग गीता 7 अगस्त को घर छोड़ चुकी थी
एसएससी अल्मोड़ा को सुरक्षा को लेकर लिखे पत्र में गीता में कहा है कि जगदीश से शादी के लिए वह अल्मोड़ा आकर अपने प्रमाणपत्र की व्यवस्था कर रही थी, इसी बीच सौतेला बाप 16 जून को अल्मोडा से उसे जबरदस्ती साथ ले गया। तंग आकर वह 7 अगस्त की रात घर से भागकर जगदीश के कमरे में पहुंच गयी। गीता के अनुसार, हम दोनों ने पति-पत्नी के रूप में रहने का फैसला करते हुए 21 अगस्त को गैराड़ मन्दिर में शादी कर ली। लेकिन शादी के बाद मुझे व मेरे पति जगदीश चन्द्र को मेरे सौतेले बाप जोगा सिंह और सौतेला भाई गोविन्द सिंह से जान का खतरा है। वह दोनों हमें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। हम दोनों छिपकर जीवन यापन कर रहे है। इसलिए मेरे सौतेले बाप व भाई के खिलाफ कार्यवाही कर हमें सुरक्षा दी जाए।

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