उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हाल के आपराधिक मामलों के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। सुभाष रोड पर लगी बैरिकेडिंग पर चढ़कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चकराता विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत अन्य नेताओं ने प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।
नेताओं का कहना था कि गुंजन हत्याकांड, अर्जुन हत्याकांड और अब विक्रम शर्मा की हत्या जैसी घटनाओं ने प्रदेश, खासकर राजधानी देहरादून की शांति और सुकून पर गहरा आघात पहुंचाया है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे राजपुर रोड जैसे पॉश इलाके में हुई गोलीबारी की घटना ने एक बार फिर सनसनी फैला दी। राजधानी देहरादून में महज 11 दिनों के भीतर दिनदहाड़े हत्या की यह तीसरी वारदात है, जिससे शहरवासियों में दहशत का माहौल है।
घटना की खबर फैलते ही दूनवासियों के बीच एक ही सवाल गूंजने लगा—आखिर शांत और सुरक्षित माने जाने वाले इस शहर में लगातार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं? सिलसिलेवार आपराधिक वारदातों के बाद लोग यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए और कानून का खौफ क्यों खत्म होता दिख रहा है।




