22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

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उत्तराखंड के चार धामों में प्रमुख माने जाने वाले केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की आधिकारिक घोषणा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कर दी गई है। इस वर्ष बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे वृष लग्न में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।

कपाट खुलने की तिथि की घोषणा बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पंचांग गणना के अनुसार की गई। विद्वान आचार्यों और हक-हकूकधारियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुभ मुहूर्त तय किया गया। इस बार की घोषणा इसलिए भी विशेष रही क्योंकि केदारनाथ धाम के नए रावल ‘केदार लिंग’ के नाम की भी औपचारिक घोषणा की गई।

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महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। परंपरा के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना के बाद कपाट खुलने की तिथि सार्वजनिक की गई। साथ ही बाबा की पंचमुखी डोली के केदारनाथ धाम प्रस्थान का कार्यक्रम भी जारी किया गया।

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निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में भैरव पूजा के साथ केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ होगा। 19 अप्रैल को डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर फाटा पहुंचेगी। 20 अप्रैल को गौरीकुंड में रात्रि विश्राम के बाद 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। इसके अगले दिन 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे वृष लग्न में कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

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केदारनाथ धाम द्वादश ज्योतिर्लिंगों में ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित है। ग्रीष्मकाल के छह महीनों तक यहां मानव श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं, जबकि शीतकाल में कपाट बंद होने के बाद पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होती है। बर्फबारी के कारण हर वर्ष शीतकाल में मंदिर के कपाट छह माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं।

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