उत्तराखंड में देर रात एक भीषण अग्निकांड सामने आया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हरिद्वार के ललतारा पुल के पास अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में आकर सात अस्थायी दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान जल जाने से छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले एक दुकान से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही पलों में आग फैलती चली गई और आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में दुकानों की पूरी कतार धधक उठी। सूचना मिलते ही दुकानदार मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी दुकानें और सामान जलकर राख हो चुके थे। अपनी मेहनत की कमाई को आंखों के सामने जलते देख कई दुकानदार भावुक हो उठे।
बताया जा रहा है कि सभी दुकानें अस्थायी थीं, जहां लोग खाने-पीने से जुड़ा छोटा व्यवसाय कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। आग में सारा सामान नष्ट हो जाने से उनके सामने जीवनयापन का संकट और गहरा गया है। पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सीएफओ शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया है।




