बदरीनाथ धाम में अब बिना अनुमति नहीं होंगे भंडारे और भागवत कथा

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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और इस बीच बदरीनाथ धाम में नए नियम लागू किए जा रहे हैं। अब धार्मिक कार्यक्रम और भंडारे आयोजित करने के लिए नगर पंचायत की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। भागवत कथा, भंडारा या अन्य विशेष कार्यक्रम बिना अनुमति आयोजित करने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। अनुमति ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से ली जा सकती है।

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इसके अलावा बदरीनाथ क्षेत्र में मांस लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, झुग्गी-झोपड़ी या अस्थायी आवास बनाने के लिए भी नगर पंचायत की पूर्व अनुमति जरूरी होगी। नगर पंचायत ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए तीन उपविधियां बनाई हैं, जिन्हें सुझाव और आपत्तियों के बाद गजट नोटिफिकेशन के लिए रुड़की भेजा गया है।

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तीर्थयात्रियों की सुविधा और धाम की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए अनुमति के साथ यूजर चार्ज की भी व्यवस्था की गई है। तीर्थ क्षेत्र की उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन के बाद ये उपविधियां लागू कर दी जाएंगी।

नगर पंचायत बदरीनाथ के ईओ सुनील पुरोहित ने बताया कि पिछले वर्षों में कुछ लोग मांस के साथ पकड़े गए थे, इसलिए अब पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा झोपड़ी बनाने से पहले स्वच्छता और शौचालय निर्माण का पालन करना भी अनिवार्य होगा। ये नए नियम धाम की सुरक्षा, स्वच्छता और तीर्थयात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।

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