उत्तराखंड – गुरुवार को लम्बे समय से लगी चारधाम यात्रा रोक पर हुई सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक को कुछ प्रतिबंधों के साथ हटा दिया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने यमनोत्री धाम में 400, गंगोत्री में 600, केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दे दी है।
गुरुवार को माननीय न्यायालय ने चारधाम यात्रा से रोक हटाई उसी समय से राज्य सरकार ने अपनी यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू कर दीं।
चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को 72 घंटे पूर्व तक की कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट अथवा दोहरी वैक्सीन का प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही तीर्थ यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। न्यायालय ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवयश्यक्तानुसार पुलिस फोर्स लगाने को कहा है। भक्त किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे।
सचिव डॉ एसएस संधू ने सचिवालय में चारधाम की बैठक के दौरान सम्बंधित सभी विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के लिए समय काफी कम बचा है वे अपनी सारी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने कहा कि चारधाम प्रदेश के लाखों व्यक्तियों के रोजगार और आजीविका का साधन है। चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना, शारीरिक दूरी के मानक का अनुपालन कराना और सैनिटाइजेशन कराना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही 18 सितंबर से चारधाम की यात्रा को संचालित करने का निर्णय लिया गया है।




