उत्तराखंड में एक बार फिर बड़ा एक्शन हुआ है। अनियमितताओं और करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी के मामले में शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ऋषिकेश सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के उप निबंधक हरीश कुमार को निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
यह कार्रवाई पिछले महीने आम जनता से मिली शिकायतों के बाद की गई, जब जिलाधिकारी सविन बंसल ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान स्टांप चोरी, फर्जी कार्मिकों की तैनाती और उप निबंधक की अनुपस्थिति में लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप से पंजीकरण कार्यवाही किए जाने के तथ्य उजागर हुए। इसके अलावा कार्यालय में वर्षों से आम नागरिकों के मूल अभिलेख लंबित पाए गए। संपत्ति मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां पाई गईं। औद्योगिक क्षेत्रों में छोटे-छोटे भूखंडों के अनियमित रजिस्ट्रेशन के मामले भी सामने आए हैं।
निरीक्षण के दौरान मौजूद फरियादियों ने बताया कि मूल दस्तावेज लौटाने और रजिस्ट्री की प्रमाणित नकल देने में कार्यालय द्वारा अनावश्यक देरी की जा रही थी। कई मामलों में 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाने वाली अर्जेंट नकल महीनों और वर्षों से लंबित पाई गई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि एसडीएम ऋषिकेश और जिला शासकीय अधिवक्ता, देहरादून की उपस्थिति में की गई जांच में पाया गया कि उप निबंधक की अनुपस्थिति में निबंधन लिपिक द्वारा पंजीकरण कार्य संपादित किया जा रहा था, जो नियमों के विपरीत है।
जिला प्रशासन ने अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर उप निबंधक के निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी थी। शासन ने रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया है और विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।




