उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। अवकाशकालीन न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की पीठ ने पूर्व में कुलविंदर सिंह व अन्य मामले में पारित आदेश का हवाला देते हुए तीन से अधिक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाई और उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए।
न्यायालय ने सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ सूचीबद्ध करते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है। आज की सुनवाई के दौरान अदालत ने जगवीर सिंह, मोहित कुमार चौहान और एक अन्य याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी, जबकि बलवंत सिंह बकसूडा के मामले में सुनवाई नहीं हो सकी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है और सरकार इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। फिलहाल मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि मुख्य आरोपी सहित अन्य कई आरोपियों की गिरफ्तारी पर पहले ही रोक लग चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं और जांच एसआईटी को सौंपी गई है, हालांकि अभी जांच शुरू नहीं हुई है।
गौरतलब है कि 10 और 11 जनवरी की रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस प्रशासन सहित कई लोगों पर जमीन विवाद में धोखाधड़ी और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनसे करीब चार करोड़ रुपये की ठगी की गई और कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें डराया और धमकाया गया।
इस घटना के बाद पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर आईटीआई थाने में 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। इनमें अमरजीत सिंह, दिव्या, रविंद्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महीपाल सिंह, शिवेंद्र सिंह, विमल, विमल की पत्नी, देवेंद्र, राजेंद्र, गुरप्रेम सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर सिंह, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवंत सिंह बकसूडा, बिजेंद्र, पूजा और जहीर शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें आपसी जमीन विवाद के चलते झूठा फंसाया गया है। उन्होंने अदालत से गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है।




