उत्तराखंड में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े वायरल ऑडियो के बाद उनके खिलाफ पहले ही हरिद्वार और देहरादून में चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अब ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने अदालत के आदेश पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज किया है।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के अनुसार, कोर्ट के निर्देश मिलते ही पूर्व विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत में आरोप है कि सुरेश राठौर एक परिचित से गाड़ी मांगकर ले गए थे, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद वाहन वापस नहीं किया। गाड़ी की मांग करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इस संबंध में हरिलोक कॉलोनी निवासी राजेश कुमार गौतम ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि सुरेश राठौर से उनके पुराने संबंध थे, इसी भरोसे पर उन्होंने अपनी गाड़ी उन्हें दे दी थी। लेकिन लंबे समय तक गाड़ी वापस न मिलने और बार-बार मांगने के बावजूद टालमटोल किए जाने से परेशान होकर उन्होंने पहले पुलिस में शिकायत की। कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी।
अदालत के आदेश के बाद ज्वालापुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस नए मामले के जुड़ने के साथ ही सुरेश राठौर के खिलाफ अब हरिद्वार जिले में तीन और देहरादून में एक मुकदमा दर्ज हो चुका है। हालांकि, पहले से दर्ज चार मामलों में हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा रखी है।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े उर्मिला सनावर के वीडियो सामने आने के बाद से ही सुरेश राठौर लगातार विवादों में घिरे हुए हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए और बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए। बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।




