उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित गौलापार में प्रस्तावित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होने वाली बहुचर्चित ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के नाम पर की गई बड़ी धोखाधड़ी का नैनीताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर काठगोदाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लीग के कथित आयोजक विकास ढाका को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के दो बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है।
यह मामला हरियाणा निवासी हेमंत शर्मा और पूर्व विधायक नारायण पाल की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि विकास ढाका ने अंतरराष्ट्रीय और रणजी स्तर के नामी खिलाड़ियों की भागीदारी का झांसा देकर उनसे टीम फ्रेंचाइज़ी के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए।
पुलिस जांच में सामने आया कि विकास ढाका ने हेमंत शर्मा को ‘यूपी वॉरियर्स’ टीम की फ्रेंचाइज़ी 50 लाख रुपये में देने की बात कही, जिसे बाद में डिस्काउंट का लालच देकर 30 लाख रुपये में तय किया गया। आरोपी ने उनसे नकद व अन्य माध्यमों से कुल 23 लाख रुपये प्राप्त किए। वहीं, पूर्व विधायक नारायण पाल से ‘उत्तराखंड सोल्जर्स’ टीम की फ्रेंचाइज़ी के लिए 50 लाख रुपये बताकर 10 लाख रुपये की छूट का प्रस्ताव दिया गया। इसके एवज में उन्होंने 3 लाख रुपये नकद और 6 लाख रुपये प्रचार-प्रसार में खर्च कर कुल 9 लाख रुपये का भुगतान किया।
लीग की शुरुआत 1 फरवरी 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन तय समय तक न तो टूर्नामेंट शुरू हुआ और न ही आयोजन से जुड़ी कोई ठोस तैयारी नजर आई। जब कथित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने भी इस लीग के बारे में अनभिज्ञता जताई। इसके अलावा न तो टीमों की ड्रेस, न आधिकारिक लोगो और न ही कोई प्रचार सामग्री तैयार की गई थी, जिससे मामला पूरी तरह पूर्व नियोजित धोखाधड़ी का प्रतीत हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष काठगोदाम विमल मिश्रा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 6 फरवरी को मल्ला काठगोदाम से आरोपी विकास ढाका को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तरह की ठगी के और कितने लोग शिकार बने हैं।




