उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह सोमवार को राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुल 18,146 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा स्तर की उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 6 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों के साथ निरंतर सीखते रहना आवश्यक है। उन्होंने विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचाने और डिजिटल शिक्षा, साइबर सुरक्षा व अन्य आधुनिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए तैयार करने की सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि कोई राष्ट्र तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक शिक्षा को अपना मुख्य आधार न बनाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक अनवरत प्रक्रिया है और विद्यार्थियों को जिज्ञासा व खोज की भावना के साथ अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के लिए करना चाहिए।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न पत्रिकाओं, वार्षिक कैलेंडर और हिंदी वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 की प्रगति रिपोर्ट पेश की, जिसमें विश्वविद्यालय के विस्तार, शोध गतिविधियों और शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों के कुलपति, विद्यापरिषद एवं कार्यपरिषद के सदस्य, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, महापौर, विधायक, दर्जा मंत्री, पूर्व सांसद, विद्याशाखाओं के निदेशक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।




