उत्तराखंड के नैनीताल जिले में रविवार सुबह फायरिंग की सनसनीखेज घटना से दहशत फैल गई। सुबह अचानक गोलियां चलने की सूचना मिलते ही पुलिस महज पांच मिनट में मौके पर पहुंच गई। बाद में फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल को घेर लिया गया और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
रामनगर क्षेत्र के पिरूमदारा चौकी के अंतर्गत थारी-कांडला में फायरिंग की गई। पीड़ित गुरमीत सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले गांव के ही एक युवक को 8 से 9 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था, जो उनके पड़ोसी अर्जुन सिंह का रिश्तेदार है। गुरमीत का कहना है कि इसी गिरफ्तारी के बाद से अर्जुन सिंह उन्हें शक की नजर से देख रहा था और रंजिश रखे हुए था। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन सिंह बाहरी युवकों के साथ मिलकर गांव में दबाव और धमकी का माहौल बना रहा था।
गुरमीत सिंह के अनुसार, रविवार सुबह क्रशर के पास उनके ट्रैक्टर चालक के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके कुछ ही देर बाद अर्जुन सिंह कथित तौर पर चार-पांच साथियों के साथ उनके घर पहुंचा और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे घबरा गए और पड़ोसियों के यहां छिपकर जान बचानी पड़ी।
पास के घर में रहने वाली सुखविंदर कौर ने भी अपने घर पर गोलियां चलने की बात कही। उनका कहना है कि बच्चों को कमरे में बंद कर किसी तरह सुरक्षित रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों का संबंध नशे के कारोबार से है और रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद से वे गांव वालों को धमका रहे थे।
मामले में क्षेत्राधिकारी (सीओ) सुमित पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही पिरूमदारा चौकी और रामनगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजा तस्करी के मामले में हुई गिरफ्तारी को लेकर पैदा हुई रंजिश और गलतफहमी के चलते डराने के उद्देश्य से फायरिंग की गई। एक युवक रोहित गुर्जर का नाम सामने आया है, जिसके खिलाफ पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच कर रही है और तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




