उत्तराखंड में इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों के लिए मुसीबतें बढ़ा दी हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और अंगीठी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन यही गलती दो लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई। उत्तरकाशी के चामकोट में अंगीठी जलाने के कारण दम घुटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज अभी आईसीयू में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, डुंडा के दो मिस्त्री बीती गुरुवार रात चामकोट गांव में एक निर्माणाधीन भवन में सोते समय कमरे में अंगीठी जला कर सो गए। जब सुबह उनका कमरा नहीं खोला गया, तो ग्रामीणों ने आवाज देकर उन्हें जगाने की कोशिश की। अंदर से कोई हलचल न देख ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे पुलिस और ग्रामीणों ने दरवाजा खोला तो प्रमोद जोशी (37 वर्ष) पुत्र नत्थी जोशी को मृत पाया। वहीं उसका साथी सुरेश चंद (38 वर्ष) पुत्र बिंदी लाल बेहोशी की हालत में मिला। पुलिस ने उसे तुरंत एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
उत्तरकाशी नगर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक दिल मोहन बिष्ट ने बताया कि दोनों व्यक्ति लंबे समय से निर्माणाधीन भवन में मिस्त्री का काम कर रहे थे और वही पर कमरे लेकर रह रहे थे। अंगीठी जलाकर सोने की गलती उनके लिए घातक साबित हुई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।




