उत्तराखंड में बेटे द्वारा प्रताड़ित विधवा मां के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की। राजधानी देहरादून के बंजारावाला क्षेत्र की विजय लक्ष्मी पंवार ने शिकायत की कि उसके ही बेटे नशे में उसे पीटते, पैसे मांगते और जान से मारने की धमकी देते हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों की पुष्टि के बाद बेटों के खिलाफ गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगी और शपथ पत्र देकर नशा छोड़ने और मां के साथ हिंसा न करने का वचन दिया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि महिलाओं, विधवाओं और कमजोर वर्ग के खिलाफ उत्पीड़न पर प्रशासन की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ है। बेटों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी पुनरावृत्ति पर कड़ी कार्रवाई होगी।




