उत्तराखंड में IAS प्रमोशन पर निर्णायक दिन, 14 PCS अफसरों की टिकी निगाहें

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उत्तराखंड में पदोन्नति कोटे से IAS कैडर में नियुक्ति को लेकर आज बड़ा फैसला होने जा रहा है। वर्ष 2022 के सापेक्ष रिक्त दो IAS पदों के लिए 03 फरवरी को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के समक्ष विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की जा रही है। राज्य के कार्मिक विभाग ने इससे जुड़ी सभी जरूरी फाइलें और पात्र PCS अधिकारियों की सूची UPSC को उपलब्ध करा दी है।

राज्य सरकार की मंशा वर्ष 2022, 2023 और 2024 की सभी रिक्तियों पर एक साथ DPC कराने की थी, जिसके लिए तीनों वर्षों का विस्तृत ब्योरा UPSC को भेजा गया था। हालांकि UPSC ने फिलहाल केवल 2022 की दो रिक्तियों पर ही DPC बैठक की अनुमति दी है।

सीनियरिटी और पात्रता के आधार पर राज्य सरकार ने सात PCS अधिकारियों के नाम DPC के लिए भेजे हैं। इनमें भगवत किशोर, बंसीलाल राणा, नरेंद्र सिंह कुरियाल, हरक सिंह रावत, भगवान सिंह चलाल, चंद्र सिंह धर्मशक्तू और जीवन सिंह नग्नियाल शामिल हैं। बैठक में इन सभी नामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

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सीनियरिटी सूची में शीर्ष पर रहे भगवत किशोर और सूची में शामिल हरक सिंह रावत का निधन हो चुका है। हालांकि वर्ष 2022 की रिक्ति अवधि में दोनों अधिकारी सेवा में थे, इसलिए नियमों के तहत उनके नाम DPC में शामिल किए गए हैं। अब यह निर्णय समिति को लेना है कि इन्हें मरणोपरांत IAS कैडर का लाभ दिया जाएगा या नहीं।

सूत्रों के मुताबिक यदि UPSC भगवत किशोर के नाम को स्वीकार नहीं करती है, तो बंसीलाल राणा और नरेंद्र सिंह कुरियाल का IAS कैडर में चयन लगभग तय माना जा रहा है। नियमानुसार, PCS अधिकारी को IAS में पदोन्नति के लिए कम से कम 8 वर्ष डिप्टी कलेक्टर स्तर की सेवा और 56 वर्ष से कम आयु होना अनिवार्य है।

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वर्तमान में राज्य में पदोन्नति कोटे के तहत वर्ष 2022 के 2, वर्ष 2023 के 2 और वर्ष 2024 के 4 पद रिक्त हैं। इस तरह कुल 8 IAS पद खाली हैं। इसके अलावा वर्ष 2027 तक पदोन्नति कोटे के 6 IAS अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिनमें IAS हरिश्चंद्र सेमवाल पहले ही रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में कुल 14 PCS अधिकारियों को IAS कैडर में जाने का अवसर मिल सकता है।

हालांकि पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी अड़चन PCS सीनियरिटी विवाद बना हुआ है, जो फिलहाल न्यायालय में लंबित है। इसी कारण कार्मिक विभाग अब तक अंतिम सीनियरिटी सूची जारी नहीं कर सका है और अनंतिम सूची के आधार पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

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सीनियरिटी विवाद के चलते कई योग्य PCS अधिकारी समय रहते पदोन्नति से वंचित रह गए हैं। कई अधिकारी 56 वर्ष की आयु सीमा के करीब पहुंच चुके हैं, जिससे उनके सामने IAS कैडर में जाने का आखिरी मौका दांव पर लगा हुआ है।

ऐसे में 03 फरवरी को होने वाली DPC बैठक को बेहद निर्णायक माना जा रहा है। यह न केवल वर्ष 2022 की रिक्तियों पर फैसला करेगी, बल्कि भविष्य की पदोन्नति प्रक्रिया की दिशा भी तय करेगी। अब पूरे प्रशासन और PCS अधिकारियों की निगाहें UPSC और DPC के निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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