मंगलवार तड़के उत्तराखंड में लगातार हो रही मुसलाधार बारिश और मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से प्रदेश की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। मुख्यमंत्री के साथ-साथ आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य व जिला स्तर के आपातकालीन परिचालन केंद्रों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखने और हर घटना की सतत निगरानी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में एक पल की भी देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को धरातल (फील्ड) पर उतरकर स्थिति से रूबरू होने के निर्देश जारी किए गए।
आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने भूस्खलन के कारण बाधित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोलने के लिए पर्याप्त जेसीबी, पोकलेन और डोजर तैनात रखने के निर्देश दिए। साथ ही, दुर्गम और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए हेली सेवाओं को पूरी तरह मुस्तैद रखने और बारिश से प्रभावित बिजली, पेयजल व संचार सेवाओं की तत्काल बहाली सुनिश्चित करने को कहा गया। चारधाम यात्रा और अन्य मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खराब मौसम या भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को safe स्थानों पर रोका जाए और स्थिति सामान्य होने पर ही आगे जाने दिया जाए।
मौसम विभाग ने 29 और 30 जुलाई के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भारी से बहुत भारी बारिश और गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 29 जुलाई को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर तथा 30 जुलाई को बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की तीव्र संभावना जताई गई है। स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और चारधाम यात्रियों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।




