मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कुमाऊं मंडल से बड़ी संख्या में उपस्थित पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और वीर नारियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, बल्कि वह जीवनभर सैनिक रहता है। हमारे पूर्व सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं, बल्कि अपने अनुशासन, समर्पण और अनुभव से समाज को दिशा देने वाले ‘अभूतपूर्व’ व्यक्तित्व हैं। उन्होंने स्वयं एक सैनिक पुत्र होने के नाते सैनिक परिवारों के संघर्ष और त्याग को निकटता से समझने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याणार्थ लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख और परमवीर चक्र विजेताओं का एकमुश्त अनुदान ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दिया गया है। इसके अलावा बलिदानी सैनिकों के आश्रितों को सरकारी सेवायोजन के लिए आवेदन की सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है तथा सेवारत व पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक की अचल संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने देहरादून के गुनियाल गांव में बन रहे ‘सैन्य धाम’ के निर्माण कार्य के शीघ्र पूर्ण होने की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने देवभूमि के शौर्य की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है और सीमावर्ती गांवों को ‘अंतिम’ नहीं बल्कि देश का ‘प्रथम गांव’ मानकर प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने सैनिक कल्याण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा की। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के सम्मान व समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।




