उत्तराखंड में हाल ही में जारी तबादला सूची ने प्रशासन में तहलका मचा दिया है और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह नियमों और कैडर व्यवस्था को लेकर उठ रहा है।
दरअसल 17 जनवरी को जारी सूची में वित्त सेवा के अधिकारी मनमोहन मैनाली को निदेशक ऑडिट के पद पर तैनात किया गया था, जबकि यह पद केवल IAS कैडर के अधिकारियों के लिए आरक्षित है।
इस तैनाती के बाद लेखा परीक्षा विभाग और कर्मचारी संगठन ने तीखी आपत्ति जताई। उत्तराखंड लेखा परीक्षा सेवा संघ के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जूनियर वित्त सेवा अधिकारी को इस पद पर नियुक्त करना नियमों का उल्लंघन है और इससे विभागीय अनुशासन और वरिष्ठता व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
कर्मचारियों और अधिकारियों की नाराजगी के चलते शासन को 36 घंटे के भीतर कदम पीछे खींचना पड़ा। कार्मिक विभाग ने संशोधन आदेश जारी कर मनमोहन मैनाली की तैनाती निरस्त कर दी और स्पष्ट किया कि निदेशक ऑडिट के पद पर शीघ्र ही IAS अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि तबादला और नियुक्ति जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में नियमों और कैडर व्यवस्था का पालन क्यों नहीं किया जाता और प्रशासनिक निर्णयों में इस तरह की चूक कैसे हो जाती है।




