उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में छह अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में श्रम, गृह, स्वास्थ्य, कारागार और वन विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सबसे पहले श्रम विभाग से संबंधित पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लेने का निर्णय लिया गया। यह प्रावधान कोविड काल में लाया गया था, जिसमें उद्योगों को सरप्लस होने की स्थिति में ही बोनस देने का प्रावधान था। चूंकि केंद्र का पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 पहले से लागू है और राज्य का प्रस्ताव राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं प्राप्त कर सका, इसलिए इसे वापस लेते हुए अब केंद्रीय कानून को ही लागू रखने का फैसला किया गया है। इससे कर्मचारियों को बोनस मिलने का रास्ता साफ होगा।
बैठक में ईएसआई डॉक्टरों की नियमावली और उत्तराखंड एम्प्लॉयी स्टेट सर्विस स्कीम 2026 को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत ईएसआई में कुल 94 पद सृजित किए जाएंगे। इनमें 76 पद मेडिकल ऑफिसर, 11 पद असिस्टेंट डायरेक्टर, लेवल-12 के 6 पद और लेवल-13 का एक एडिशनल डायरेक्टर पद शामिल है। पहले मेडिकल ऑफिसर के लिए प्रमोशन के पद निर्धारित नहीं थे, जिन्हें अब व्यवस्थित किया गया है।
गृह विभाग से जुड़े प्रस्ताव में वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया। मुख्यालय स्तर पर 22 नए पद सृजित किए जाएंगे, जिनमें एक पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य पद शामिल हैं। यह सभी पद मुख्यालय स्तर पर कार्य करेंगे।
इसके अलावा, 2024 में पारित उत्तराखंड कारागार एक्ट में संशोधन करते हुए आदतन अपराधियों की परिभाषा को पूर्व के कानून के अनुसार लागू करने का फैसला लिया गया है।
वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को भी राहत दी गई है। कुल 893 श्रमिकों में से शेष 589 को न्यूनतम वेतनमान देने की मंजूरी दी गई है।
वहीं, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। तय किया गया है कि जब तक केंद्र की योजना 2025-26 तक प्रभावी रहेगी, तब तक राज्य की योजना भी समानांतर रूप से संचालित की जाएगी।




