उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सरकार और सतर्कता विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत हरिद्वार जिले में एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजिलेंस टीम ने रोशनाबाद स्थित जीएसटी कार्यालय में तैनात एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रमोद सेमवाल के रूप में हुई है, जो पिछले 18 वर्षों से संविदा पर जीएसटी विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। वह उपनल के माध्यम से सहायक आयुक्त राज्य कर खंड-3, हरिद्वार कार्यालय में तैनात था। विजिलेंस टीम ने उसे 24 फरवरी को कार्यालय के पास रिश्वत की रकम लेते हुए दबोच लिया।
सतर्कता अधिष्ठान को एक शिकायत मिली थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी ‘हिमांशी पैकेजिंग इंडस्ट्री’ वर्ष 2021 में बंद हो चुकी है। विभाग ने जीएसटी लागू होने से पहले वर्ष 2017 की अंतिम तिमाही के वैट कर के रूप में 1 लाख 76 हजार रुपये बकाया बताया था। आरोप है कि इस प्रकरण को निपटाने के बदले प्रमोद सेमवाल ने 1 लाख 20 हजार रुपये नकद रिश्वत की मांग की और रकम किस्तों में देने को कहा।
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने 20 हजार रुपये की पहली किस्त दी, तभी टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस अब उसके आय-व्यय और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।




