रामनगर-कोरोना पर भारी पड़ी आस्था,शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन गर्जिया मन्दिर मे लगा दर्शनार्थियों का तांता।

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रामनगर – शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन में कुमाऊं और गढ़वाल के प्रवेश द्वार रामनगर मे स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में कोविड के बाद भी श्रद्वालुओं का लगा तांता।कोसी नदी की दो धाराओं के बीच एक पहाड़ी टीले पर स्थित गर्जिया मंदिर को लेकर स्थानीय जनमानस में गहरी आस्था है। ये मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का पवित्र केंद्र होने के साथ ही अपनी भौगोलिक बनावट के चलते कुदरत का अनोखा चमत्कार है।कुमाऊं के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल गर्जिया मंदिर की भौगोलिक बनावट और कुदरती सौंदर्य के कारण यह राज्य में धार्मिक पर्यटन का उभरता हुआ केंद्र बन गया है।श्रदा के इस केंद्र पर कोविड का असर भी नही पड़ा, नवरात्र की शुरूआत से ही भक्तों की भारी संख्या यहाँ पहुंची और सुबह से ही भक्त लाईनों में खड़े दिख रहे हैं, जिनमें स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा उत्तराखंड के अलावा मुरादाबाद,दिल्ली, बिजनौर और रामपुर जिलों से आने वाले सैकड़ो श्रद्धालु शामिल हैं। माना जाता है कि यहां सच्चे दिल से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। मनौती मांगने को यहां बावड़ घास पर गांठ लगाई जाती है व चुन्नियां बांधी जाती है। आसपास के लोगोें में किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत करने के लिए गर्जिया मंदिर को खासा महत्व दिया जाता है। नवरात्र के दिनों में यहां रोजाना भक्तों दवारा भण्डारों का आयोजन किया जा रहा है वहीं समिति ने भी पंडित जी, दुकानदारों और प्रशासन के सहयोग से लोगों को सैनेटाइज,मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन और सरकार द्वारा दिये गये नियमो का पालन दर्शनार्थियों से कराया जा रहा है।

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