रामनगर – संयुक्त चिकित्सालय में बंद पड़े प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को खोलने और वहां कार्य करने वाले फार्मेसिस्ट व कर्मचारियों को काम पर बहाल करने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक,राजनैतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने जन औषधि केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मणि भूषण पंत के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
जन संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के बाहर जन औषधि केंद्र शुरू करो, औषधि केंद्र में कार्यरत फार्मेसिस्ट को बहाल करो नारेबाजी करते लगे। वहां उपस्थित सभा में बोलते हुए राज्य आंदोलनकारी उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराने की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जुमला मात्र बनकर रह गई है। पहले कोरोना काल में सरकारी अस्पताल को पीपीपी मोड पर दिया गया और उसके बाद प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना के तहत खोले गए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को बंद कर दिया गया है ।
यही नहीं जिन फार्मेसिस्ट ने कोरोना काल में अपनी अमूल्य सेवाएं दी , जिनके लिए मोदी जी ने ताली ,थाली बजवाई, कोरोना योद्धा से नवाजा उन्हें नौकरी से निकाल दिया। उसके बाद में मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ,महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुक्त कुमाऊं मंडल ,जिलाधिकारी नैनीताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल, उप जिलाधिकारी रामनगर को एक ज्ञापन को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मणि भूषण पंत के माध्यम से भेजा। प्रदर्शन करने वालों में मनमोहन अग्रवाल, पी सी जोशी ,बाग़म्बर सिंह सजवाण , लक्ष्मी बिष्ट, देवेंद्र सिंह सेठी, ज्योति रावत, शाहिद, प्रभात ध्यानी, शीला शर्मा ,जी एस बिष्ट ,इंद्र सिंह मनराल आदि उपस्थित रहे।




