रामनगर-वन्यजीवों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने पर्यटकों को कार्बेट पार्क के झिरना व ढेला जोन में जाने से रोका।

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रामनगर – विश्व प्रसिद्ध कार्वेट के झिरना व ढेला जोन में पड़ने वाले कई ग्रामीणवासी विगत कई वर्षों से जंगली जानवरों के आतंक से काफी परेशान हैं। हाथी,लेपर्ड ,बाघ बंदर, जानवर आबादी में घुसकर फसलों एवं जानमाल को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे है,उसी को लेकर विगत दिनों ग्रामीणों ने इनसे बचाव के उपाय के लिए कार्बेट प्रशासन को ज्ञापन देकर बचाव की गुहार लगाई थी। कार्वेट प्रशासन द्वारा आज तक कोई रास्ता ना निकालने पर आज सैकड़ों ग्रामीणों ने कॉर्बेट पार्क का झिरना व ढेला जोन पर्यटकों के लिए बंद कर दिया।आपको बता दें कि रास्ता बंद कर रहे ग्रामीणों की पुलिस और कोर्बेट प्रसासन से तीखी नोक झोंक भी हुई।
रास्ता बंद करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि हमने कई बार कॉर्बेट प्रशासन से सीटीआर से आ रहे जानवरों से बचाव के लिए गुहार लगाई है उन्होंने कहा यह जानवर शाम होते ही 4 से 5 बजते ही हमारे आंगन में आ जा रहे हैं। जिससे हमारे घरों से बाहर निकलना दुभर होता जा रहा है व लगातार जान माल का खतरा बना हुआ है.
हमने जब इस बारे में कोर्बेट प्रशासन को सूचना दी तो उनके द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।उसी के विरोध में आज हमने कॉर्बेट पार्क का ढेला व झिरना जोन बंद कर दिया है ।आनंद नेगी ने कहा कि अगर कॉर्बेट प्रशासन द्वारा इसका स्थाई समाधान नहीं निकाला गया तो यह आंदोलन आगे चलता रहेगा।
वही जानकारी देते हुए कॉर्बेट पार्क के वार्डन आर के तिवारी ने कहा कि हमारे द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ईडीसी का गठन किया गया है। जिसके तहत गांव जंगल के किनारों में सोलर फेंसिंग वगैरह हमारे द्वारा लगाई गई है,और बचे हुई जगह है वहा भी जल्द सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी,साथ ही लगातार पेट्रोलिंग का कार्य भी किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कॉर्बेट पार्क द्वारा फसल की क्षति पर जो मुआवजा दिया जाता है। वह धनराशि बढ़ाई जाए, और उनके द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि जो भी आय इस क्षेत्र में पर्यटक से होती है उसको ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के विकास में खर्च किया जाए।

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