उत्तराखंड में बीजेपी के सामने एक बार फिर नई चुनौती खड़ी हो गई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सामने आया, जिसने पार्टी और सरकार दोनों की आलोचना का मुद्दा बना दिया। वीडियो 23 दिसंबर के एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है, जिसमें गिरधारी लाल साहू कुछ युवाओं से बातचीत करते हुए विवादित टिप्पणी करते नजर आए।
वीडियो में वे युवाओं से पूछते हैं कि अब तक उनकी शादी क्यों नहीं हुई, और कहते हैं कि इतनी उम्र में तो तीन-चार बच्चे हो जाते हैं। इसके बाद बिहार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 20 से 25 हजार रुपये में शादी के लिए युवतियां मिल जाती हैं। इस बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी और गिरधारी लाल साहू को खूब ट्रोल किया गया। पहले से ही अंकिता हत्याकांड को लेकर विपक्ष के निशाने पर फंसी बीजेपी के लिए यह नया विवाद और असहज स्थिति पैदा कर गया।
इस विवाद के बाद गिरधारी लाल साहू ने सफाई दी और माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका संबोधन तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उनका कहना था कि वे केवल अपने मित्र की शादी पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि हर साल बरेली में होने वाली रामलीला में 101 बेटियों की शादी में वे सहयोग करते हैं। गिरधारी लाल साहू ने कहा, “अगर मेरी बात किसी को गलत लगी और ठेस पहुंची हो तो मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूँ।”
वहीं कांग्रेस ने इस मामले को लेकर बीजेपी और गिरधारी लाल साहू पर हमला बोला। उत्तराखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि यह बयान घोर निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं और बच्चियों की गरिमा पर हमला है और इस प्रकार की सोच मानव तस्करी, बाल विवाह और महिला शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा देती है। रौतेला ने यह भी कहा कि यह बयान उस परिवार से आया है, जिसमें मंत्री स्वयं महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्रालय से जुड़ी हैं, और यह सरकार की कथनी और करनी में बड़े अंतर को दिखाता है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जवाबदेह ठहराना और सार्वजनिक माफी सुनिश्चित करना लोकतंत्र की अनिवार्य मांग है।




