उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। हर साल मार्च महीने में वेतन और पेंशन के भुगतान में होने वाली देरी को देखते हुए वित्त विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
मार्च का महीना सरकारी विभागों के लिए वित्तीय दृष्टि से काफी अहम होता है। इस दौरान जहां पूरे साल का लेखा-जोखा बंद किया जाता है, वहीं नए वित्तीय वर्ष का बजट भी तैयार किया जाता है। इसी प्रक्रिया के चलते अक्सर बजट स्वीकृति और धनराशि जारी होने में देरी हो जाती थी, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को समय पर भुगतान नहीं मिल पाता था।
अब इस समस्या को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे बजट की अंतिम मंजूरी का इंतजार किए बिना ही वेतन और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करें। यानी अनुमानित बजट के आधार पर ही भुगतान प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवश्यक बजट प्रस्ताव पहले ही विधानसभा से पारित हो चुके हैं, इसलिए भुगतान में किसी तरह की रुकावट नहीं होनी चाहिए। कर्मचारियों और पेंशनर्स को समय पर भुगतान करना सरकार की प्राथमिकता बताया गया है।
इस फैसले से उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें हर साल मार्च में वेतन और पेंशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। खासकर पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों के लिए यह निर्णय बेहद राहत भरा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पहले से ही ऐसी व्यवस्था लागू है, जहां बजट की प्रत्याशा में भुगतान किया जाता है। अब उत्तराखंड ने भी इसी मॉडल को अपनाया है।
वित्त विभाग के इस कदम का कर्मचारियों और पेंशनर्स ने स्वागत किया है। माना जा रहा है कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और शासन के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा।




