उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच काशीपुर के द्रोणसागर किले पर राहत भरी खबर आई है। किले और आसपास के इलाकों में तेंदुओं के आतंक के बीच प्रशासन और कर्मचारियों की सतर्कता से बड़ी कामयाबी हासिल हुई। रातभर चले अभियान के दौरान एक तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया गया, जिससे इलाके में फैली दहशत में तुरंत राहत मिली।
इस अभियान में पुरातत्व विभाग के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन चंद्र जोशी, संरक्षण सहायक प्रभारी दिनेश कुमार शर्मा, वन विभाग के रेंजर देवेन्द्र सिंह और वन कर्मी यशपाल सहित अन्य कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। घंटों की मेहनत और रणनीति के बाद तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने में सफलता मिली।
जानकारी के अनुसार, द्रोणसागर किले पर लंबे समय से तेंदुओं की आवाजाही रहती है। उनका दिखाई देना न केवल किले में काम कर रहे कर्मचारियों बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी चिंता का कारण रहा है। पहले भी तेंदुओं की मौजूदगी की कई शिकायतें प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं।
पुलिस और वन विभाग ने किले और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सतर्क रहें और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।




