रामनगर – पर्वतीय क्षेत्रों में इस समय शीतलहर का प्रकोप जारी है। कड़ाके की ठंड ने लोगों के साथ ही जानवरों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साथ ही मवेशियों पर ठंड का सितम जारी है। बता दें कि, इन दिनों पालतू कुत्ते, मवेशी बीमार हो रहे हैं। जिससे कुत्तों व बिल्लियों में पार्वों वायरस का खतरा बढ़ रहा है। जिससे हाइपोथर्मिया रोग की वजह से पशुओं का तापमान सामान्य से काफी नीचे आ रहा है।
रामनगर में पशु चिकित्सालय में लगातार मवेशियों को उनके मालिकों द्वारा इलाज के लिए लाया जा रहा है । पशु चिकित्सक योगेश अग्रवाल ने कहा कि ठंड से कुत्तों और बिल्ली में पार्वों मे वायरस का खतरा बढ़ जाता है।इसके लक्षण उल्टी, दस्त, खून की उल्टियां व कुत्ते कमजोर हो जाते हैं।साथ ही कुत्ते खाना-पीना छोड़ देते हैं। इस रोग में निजात पाने के लिए जब कुत्ता छोटा हो तो उसी समय रहते पार्वों का टीका लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पशुओं को बार-बार अंदर से बाहर न ले जाएं या अगर लेकर भी जाना है तो उनके शरीर को ढक कर रखें। साथ ही कुत्तों को दूध में अंडा दें।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस समय पशुओं में भी हाइपोथर्मिया रोग की वजह से शरीर का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाता है। जिससे पशुओं के हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं।इसमें पशु पानी पीना तक छोड़ देते हैं।वह जानवरों का नाक-मुंह सूखने लगता है। उन्होंने कहा कि गौशाला में ठंडी हवा आने से रोके. साथ ही अपने पशुओं को गीले में न बैठाएं और उनके शरीर में कंबल या किसी गर्म चीज से उनके शरीर को ढक कर रखें। जिससे वो बीमार न पड़ें।इसलिए इस शीतलहर मे जानवरों का बचाव करें।




