स्कूली बच्चों के व्हाट्सएप्प ग्रुप जश्न ए बचपन में मंगलेश डबराल को उनकी कविताओं के साथ सप्ताहभर किया गया याद।

ख़बर शेयर करें -

रामनगर – हिंदी के वरिष्ठ कवि,लेखक, पत्रकार मंगलेश डबराल को स्कूली बच्चों के व्हाट्सएप्प ग्रुप जश्न ए बचपन में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पूरे सप्ताह भर याद किया गया।ग्रुप एडमिन नवेंदु मठपाल के अनुसार रचनात्मक शिक्षक मण्डल द्वारा संचालित इस ग्रुप में उत्तराखण्ड भर के ढाई सौ से अधिक बच्चे जुड़े हैं। सप्ताह के शुरुआती दिन सोमवार व मंगलवार को मंगलेश डबराल की कविता मैं चाहता हूं के साथ अन्य कविताओं की संगीतमय प्रस्तुति हुई,इन दिवसों के एक्सपर्ट रुद्रपुर से अमितांशु रहे।इसके साथ ही कौसानी से भवानी शंकर कांडपाल,मुंबई से रीना पंत,रामनगर से ललित बिष्ट,मेघा आर्या, दिल्ली से शशिभूषण ,श्रीनगर से कमलेश जोशी के साथ श्रेया नेगी,वंशिका छिमवाल, माहम अली,प्रशांत जोशी ने भी उनकी कविताओं का पाठ किया,।गाजियाबाद से अनुराग शर्मा द्वारा से भाष्कर चौधरी के स्वर में उनकी कविताओं का वीडियो भेज गया।बुधवार,ब्रहस्पतिवार को पौड़ी से दिवस एक्सपर्ट बालसाहित्यकार,शिक्षक मनोहर चमोली द्वारा बच्चों को उनके जीवन के विभिन पहलुओं के बाबत जानकारी दी गयी।इसके साथ ही उनकी प्रसिद्ध कविता एक भाषा मैँ लिखना चाहता हूं,इन ढलानों पर बसन्त आएगा को विस्तार से समझाया गया।चमोली ने उनकी कविताएँ कालजयी हैं,उनको कहीं भी पढ़ा जाय आपने आस पास के माहौल की गंध आती है।शुक्रवार को दिल्ली से वरिष्ठ विज्ञान कथा लेखक देवेन मेवाड़ी ने बच्चों को मंगलेश डबराल से जुड़े हुए अपने संस्मरणो को साझा किया।उन्होंने कहा डबराल समाज के प्रति सम्वेदनशील कवि ,पत्रकार थे,इलाहाबाद में अमृत प्रभात व दिल्ली जनसत्ता में सम्पादक रहते हुए उन्होंने मुझ जैसे अनेक नए विज्ञान लेखकों को लिखने के लगातार प्रेरित किया।मेवाड़ी ने उनकी कविता छुपम छुपाई का वाचन भी किया।नानकमत्ता डॉ कमलेश अटवाल, से कृति असवाल,रिया चंद,राधा पोखरिया,अमृतपाल सिंह,दीपांशु भट्ट,प्रथम मित्तल,आँचल जोशी,हर्षिता जोशी,दिया ऐरी, गुरुप्रीत कोर,पिथोरागढ़ से शीतल भट्ट समेत अनेक प्रतिभागियों ने देवेन मेवाड़ी के लेख पर अपनी प्रतिक्रिया दी।शनिवार,रविवार को रामनगर से वरिष्ठ चित्रकार सुरेश लाल के दिशा निर्देशन में बच्चों ने डबराल की कविताओं पर कविता पोस्टर बनाये।

Ad_RCHMCT