उत्तराखंड से देशभर में चल रहे आयुर्वेदिक दवाइयों में मिलावट खोरी का भंडाफोड़ हुआ है। जहां पर फर्जी आयुर्वेदिक क्लीनिक और अवैध दवा फैक्ट्री का संचालन पिछले कई सालों से किया जा रहा था। इन दवाईयों को नकली डॉक्टर तैयार कर रहा था।
जानकारी के अनुसार राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित त्रिफला हर्बल सेंटर में फर्जी आयुर्वेदिक क्लीनिक और अवैध दवा निर्माण किया जा रहा था। केंद्रीय आयुष मंत्रालय की टीम ने 20 फरवरी को उत्तराखंड आयुष विभाग के सहयोग से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में अवैध दवाइयां, लेबलिंग सामग्री और करीब एक करोड़ रुपये नकद बरामद हुए।
जांच में सामने आया कि क्लीनिक संचालक खुद को पंजीकृत आयुष चिकित्सक के रूप में पेश कर रहा था, जबकि उसके पास वैध डिग्री नहीं थी। वह एक्यूप्रेशर के नाम पर शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का इलाज करता और स्वयं तैयार की गई दवाइयों को देशभर सप्लाई करता था।
उत्तराखंड आयुष विभाग के संयुक्त निदेशक केएस नपलच्याल ने बताया कि छापेमारी में ग्राइंडर, मिक्सर और तमाम लेबलिंग सामग्री मिली। कई होम्योपैथिक दवाइयां बिना वैध सेल लाइसेंस के बनाई और बेची जा रही थीं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इन दवाओं के सेवन से कुछ लोगों को साइड इफेक्ट्स भी हुए हैं।
आधिकारिक कार्रवाई में सभी दवाइयां जब्त और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। जिला कोर्ट में संचालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की अर्जी दी गई है। इसके अलावा, केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का आदेश दिया है।




