उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक मामला सामने आया, जिसमें एक महिला की गुलदार के हमले में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, महिला दोपहर में अपने मवेशियों के लिए जंगल में घास लेने गई थी। शाम तक घर न लौटने पर परिजन चिंतित हो गए और आसपास के जंगलों में उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद महिला का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। देर रात जंगल में महिला का शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि महिला पर गुलदार ने हमला किया और उसे अपना शिकार बनाया।
घटना के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोग बताते हैं कि गांव के आसपास लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बढ़ी हुई है। उन्होंने कई बार वन विभाग से पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की, लेकिन शिकायतों पर गंभीर कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, भीमताल, धारी और ओखलकांडा क्षेत्रों में दिसंबर से अब तक चार महिलाओं की गुलदार के हमले में मौत हो चुकी है। वन विभाग ने छह गुलदारों को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजा है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल कायम है।
ग्रामीण प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाने, गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तत्काल मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मामले में डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि महिला का शव जंगल से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही गांव में पिंजरा लगाया जा रहा है और मामले की जांच के लिए महिला के डीएनए सैंपल भी लिए जा रहे हैं।




