केदारनाथ बर्फ की चादर में लिपटा, मौसम ने दी चेतावनी

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उत्तराखंड में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक बार फिर सटीक साबित हुई। इसके तहत विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बीती रात से लगातार बर्फबारी जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र मोटी बर्फ की चादर से ढक गया है। हाल ही में जिन रास्तों से बर्फ हटाई गई थी, वे अब फिर से पूरी तरह बर्फ में लिपटे हुए हैं, जबकि मंदिर परिसर भी सफेद बर्फ की चादर में ढका हुआ है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण धाम में चल रही यात्रा तैयारियों पर असर पड़ा है और मजदूरों की कड़ी मेहनत पर मौसम ने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

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बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि लगातार बर्फबारी के चलते व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तैयारी पूरी नहीं हुई, तो तीर्थयात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। धाम में तैनात जवान न केवल सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं, बल्कि बर्फ हटाने के कार्य में भी जुटे हुए हैं। माइनस तापमान में यह कार्य बेहद कठिन है, फिर भी जवान पूरी निष्ठा और हौसले के साथ काम कर रहे हैं।

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उत्तराखंड मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 3300 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं के चलते मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज और आकाशीय बिजली के साथ हवाओं की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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ध्यान देने योग्य है कि 22 अप्रैल को वृष लग्न में बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। हालांकि लगातार खराब मौसम प्रशासन और एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मौसम साफ होते ही व्यवस्थाओं को तेजी से दुरुस्त किया जाएगा, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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