भीमताल में वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

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उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के भीमताल के समीप शिलौटी क्षेत्र में वन विभाग ने एक पिंजड़े में फंसे तेंदुए को पकड़ा। यह घटना उस क्षेत्र में हुई थी, जहां 25 नवंबर 2024 को तेंदुआ या बाघ ने लीला देवी पत्नी स्व. नरोत्तम को हमला कर मार डाला था। लीला देवी घास लेने जंगल गई थी, जब उसने अपनी जान गंवाई। उसका शव लगभग एक किमी दूर जंगल में बरामद हुआ था।

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इस दुखद घटना के बाद, वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर शिलौटी क्षेत्र में पांच पिंजड़े लगाए थे। आज सुबह करीब ढाई साल के नर तेंदुए को एक पिंजड़े में फंसा हुआ पाया गया। हालांकि, यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह तेंदुआ वही था जिसने लीला देवी पर हमला किया था, क्योंकि घटना के समय मौजूद महिला ने बाघ का संदिग्ध होने की बात कही थी। वन विभाग के द्वारा लगाए गए कैमरे में बाघ का कोई संकेत नहीं मिला था।

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वन क्षेत्राधिकारी विजय मिलकानी ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए के सैंपल को एफआईआई देहरादून भेजा जा रहा है। इसके अलावा, वन विभाग की गश्त और क्षेत्रीय गतिविधियों को जारी रखा जाएगा।

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इस घटना के बाद निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया, सामाजिक कार्यकर्ता राकेश वृजवासी, कार्तिक कनार्टक, पूरन वृजवासी, नितेश बिष्ट, और ममता बिष्ट ने वन विभाग से तेंदुए और बाघ को पकड़ने की कोशिशों को और तेज करने की मांग की है।

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