उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का शंखनाद: 9 अगस्त से खटीमा से शुरू होगी ‘परिवर्तन जन संवाद यात्रा’

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09 अगस्त खटीमा जनपद उधम सिंह नगर से उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी निकालेगी ‘परिवर्तन जन संवाद यात्रा’।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने केंद्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार पर धर्म , जातिवाद एवं क्षेत्रवाद की संकीर्ण राजनीति को बढ़ावा देकर समाज में विभाजन कर अपनी नाकामियों को छुपाना चाहती है तथा जनता के असल मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी भाजपा की इस साजिश को नाकाम करने के लिए 9 अगस्त 1942 की तरह अंग्रेजों भारत छोड़ो की तरह केंद्र एवं प्रदेश की भ्रष्ट एवं वैईमान सरकार को हटाने के लिए 9 अगस्त 2026 खटीमा से जन संवाद कर जनता को एकजुट करने का प्रयास करेगी।
पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने प्रेस को जारी एक बयान में बताया कि केंद्र एवं राज्य की भाजपा की डबल इंजन सरकार हर मोर्चे पर असफल रही है। केंद्र की मोदी सरकार हो या प्रदेश की धामी सरकार अपनी अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए तरह-तरह के प्रपंच रच रहे हैं जिसके कारण महंगाई ,भ्रष्टाचार, बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है, धर्म जातिवाद क्षेत्रवाद की संकीर्ण राजनीति कर सामाजिक बंटवारा कर आम लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने बताया कि पार्टी की हरिद्वार में संपन्न पहले कार्य करने की बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी भाजपा आरएसएस नेतृत्व वाली सरकार की इस साजिश को सफल नहीं होने देगी तथा इसके लिए 09 अगस्त, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर 9 अगस्त खटीमा से जन संवाद कार्यक्रम शुरू करेगी। यह यात्रा पूरे उत्तराखंड में जनसंवाद स्थापित करते हुए राज्य के ज्वलंत मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने केंद्र सरकार की आर्थिक एवं विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा गया कि वर्तमान नीतियां देश के हितों की रक्षा करने में विफल रही हैं। पार्टी का आरोप है कि भारत सरकार अपने नागरिकों के हितों की अपेक्षा बाहरी दबावों के अनुरूप कार्य कर रही है, जिससे राष्ट्रीय हित प्रभावित हो रहे है। राज्य गठन के 25 वर्षों के बाद भी उत्तराखंड की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खेती-किसानी संकट में है, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर हैं तथा राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का निरंतर दोहन हो रहा है। सम्मानजनक रोजगार के स्थान पर युवाओं को संविदा, आउटसोर्सिंग, मानदेय और ठेका व्यवस्था में धकेला जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए आम जनता संघर्ष कर रही है तथा सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं, श्रमिक संगठनों और आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। प्रदेश में महिलाओं, दलितों, गरीबों और अल्पसंख्यकों के विरुद्ध बढ़ते अत्याचारों पर भी चिंता व्यक्त की गई। उपपा नेता ने आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण होने के कारण अंकिता भंडारी और केतन हत्याकांड जैसे मामलों ने समाज को झकझोर दिया है।
केन्द्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा कि पार्टी चुनाव प्रणाली में व्यापक सुधार की पक्षधर है। पार्टी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर पुनः बैलेट पेपर से चुनाव कराने, चुनावों में कॉर्पोरेट चंदे पर रोक लगाने तथा चुनावी खर्च की सीमा कम करते हुए प्रत्याशियों के चुनाव व्यय का वहन राज्य द्वारा किए जाने की मांग दोहराई है।राज्य में युवाओं के बीच बढ़ती नशाखोरी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नशे के कारोबारियों एवं उनके संरक्षकों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाने की मांग की। साथ ही राज्य में तेजी से खुल रही सरकारी शराब की दुकानों पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को शराब की उपलब्धता बढ़ाने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
केंद्रीय अध्यक्ष ने बताया कि जन संवाद यात्रा के दौरान रोजगार को मौलिक अधिकार घोषित करने, संविदा, आउटसोर्स, मानदेय एवं ठेका व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा “समान कार्य के लिए समान वेतन” लागू करने जैसे सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए लोगों के बीच में ले जाया जाएगा,साथ ही आईएमपीसीएल सहित सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और कर्मचारियों की छंटनी , श्रमिक JN आंदोलनों पर हो रहे दमन , श्रमिक नेताओं पर लगाए गए गुंडा एक्ट जन विरोधी कार्यो के विरुद्ध आम जनता की गोलबंदी की जाएगी।

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