प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी के निर्देशन में आज दिनांक 11 जुलाई, 2026 (शनिवार) को एक महत्वपूर्ण संयुक्त अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान गोदाम से लगभग 25 घनमीटर बहुमूल्य खैर प्रकाष्ठ एवं लट्ठे बरामद किए गए।
प्रभागीय वनाधिकारी श्री हिमांशु बागरी ने बताया कि विगत कई दिनों से लगातार गोपनीय सूचनाएँ प्राप्त हो रही थीं कि उत्तराखण्ड के विभिन्न वन क्षेत्रों से अवैध रूप से बहुमूल्य खैर के वृक्षों का कटान कर उनका प्रकाष्ठ उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम में एकत्रित किया जा रहा है तथा वहाँ से उसकी अवैध तस्करी की जा रही है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए उनके निर्देशन में तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा कई दिनों तक गोपनीय रूप से फील्डिंग कर क्षेत्र में सतत निगरानी रखी गई तथा तकनीकी एवं भौतिक माध्यमों से सूचनाओं का सत्यापन किया गया। पर्याप्त साक्ष्य एवं सूचना की पुष्टि होने के उपरांत आज प्रातः लगभग 06:00 बजे संयुक्त टीम द्वारा उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित उक्त गोदाम पर योजनाबद्ध छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान गोदाम से लगभग 25 घनमीटर खैर प्रकाष्ठ एवं लट्ठे बरामद किए गए। कार्रवाई के समय गोदाम संचालक मौके से फरार मिला तथा परिसर में कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं था।
प्रकरण में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध वन अपराध पंजीकृत कर लिया गया है। बरामद समस्त खैर प्रकाष्ठ को 03 पिकअप तथा एक ट्रक के माध्यम से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए सुरक्षित अभिरक्षा में तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज परिसर में लाकर सुरक्षित रखवा दिया गया है।गोदाम संचालक की तलाश की जा रही है तथा इस अवैध कटान एवं तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस विशेष अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी, गौला, अनिल जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी सितारगंज श्रीमती सावित्री , वन क्षेत्राधिकारी रनसाली महेंद्र रेकुनी , वन क्षेत्राधिकारी गौला चंदन अधिकारी , वन क्षेत्राधिकारी बाराकोली कैलाश गुणवंत,वन क्षेत्राधिकारी डॉली, नवीन पवार, वन क्षेत्राधिकारी एसओजी नवीन रेकवाल तथा तराई पूर्वी वन प्रभाग के अन्य लगभग 50 वन अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की।
प्रभागीय वनाधिकारी श्री हिमांशु बागरी ने कहा कि उत्तराखण्ड की वन सम्पदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वन अपराध एवं वन उत्पादों की अवैध तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान निरंतर प्रभावी ढंग से संचालित किए जाते रहेंगे।




