रामनगर-आखिर क्यों ग्रामीणों व खनन कारोबारियों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन,पढ़िये पूरी खबर।।

ख़बर शेयर करें -

रामनगर के ग्राम बैलपडाब क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेमलचौड मैं स्थित खेतों में समतलीकरण के नाम पर हो रहे खनन के

खिलाफ खनन कारोबारियों एवं ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व विभाग के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा खेतों में समतलीकरण के नाम पर खनन माफियाओं को खुलेआम खेतों से अवैध खनन करने की अनुमति दी गई है उससे गांव में पानी का वाटर लेवल जाएं को कम हो गया तो वही ग्रामीणों की फसलो व पालतू जानवरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  न्याय के लिए आवाज: टिहरी में केतन लाल की नृशंस हत्या के विरोध में कल रामनगर के लखनपुर चौक पर होगा धरना प्रदर्शन

तो वही ग्रामीणों की जिंदगी भी खेतों में हो रहे गहरे गड्ढों से अब दांव पर लग चुकी है ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों में जिस प्रकार खनन माफियाओं द्वारा सरकार के इशारे पर अवैध खनन कर 100 फुट से भी ज्यादा गहरे गड्ढे कर दे गए उससे वन्यजीवों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  ​"20 साल पीछे टेढ़ा गाँव: सड़कों की अनदेखी के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण, राहुल सिंह दरम्वाल ने दिया संघर्ष में साथ"

खनन कारोबारियों का आरोप है कि खेतों में अवैध खनन के कारण स्टोन क्रेशर स्वामी उनका माल नहीं खरीद रहे हैं जिससे उनके आगे भी रोजी रोटी का संकट गहराने लगा है।

उन्होंने कहा कि अवैध खनन से सरकार को भी लाखों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है तो वही खनन कारोबारियों ने इसके विरोध में शनिवार से दावका नदी के छोई खनिज निकासी गेट को भी अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है।

यह भी पढ़ें 👉  ऑपरेशन प्रहार: लालकुआं पुलिस का नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

ग्रामीणों ने शीघ्र इस अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दिया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

Ad_RCHMCT