संपत्ति के लालच में बेटे ने रची पिता की हत्या की साजिश, तीन गिरफ्तार

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पुलिस और लोगों को सकते में डाल दिया। इस हत्याकांड ने रिश्तों की भयावहता को भी उजागर कर दिया है। मामले में रहस्य से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है।

बता दें कि हरिद्वार जिले  में 29 नवंबर कीरात एयरफोर्स के रिटायर्ड जवान भगवान सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती रिपोर्ट में बेटे यशपाल ने पुलिस को बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने लिफ्ट के बहाने उनकी कार में बैठकर पिता को गोली मार दी।

यह भी पढ़ें 👉  ​"20 साल पीछे टेढ़ा गाँव: सड़कों की अनदेखी के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण, राहुल सिंह दरम्वाल ने दिया संघर्ष में साथ"

हालांकि, जांच में सच सामने आया। पुलिस ने यशपाल से कई घंटे तक पूछताछ की और उसके बयान में विरोधाभास पाए। सख्त पूछताछ के बाद यशपाल ने अपराध कबूल किया। उसने बताया कि उसने अपने दोस्तों ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस के अनुसार, यशपाल का मकसद पिता की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा करना था। भगवान सिंह ने अपने बेटे को संपत्ति से बाहर करने की चेतावनी दी थी, जिससे यशपाल नाराज हो गया। पिता की हत्या के बदले उसने दोनों दोस्तों को तीस लाख रुपए और एक स्कॉर्पियो कार देने का वादा किया।

यह भी पढ़ें 👉  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां: मुख्यमंत्री धामी ने सचिवालय और आवास के कर्मियों के साथ किया योगाभ्यास; योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान

योजना के मुताबिक, यशपाल ने अपने पिता को झूठी शादी में जाने का बहाना देकर रात में ज्वालापुर बहादराबाद नहर पटरी पर ले जाया। वहां ललित मोहन और शेखर पहले से मौजूद थे। कार डैम पर पहुंचते ही यशपाल ने ड्राइविंग सीट संभाली और राजन को दोस्त बताकर कार में बिठाया। राजन ने भगवान सिंह की कनपटी पर दो राउंड फायरिंग की।

यह भी पढ़ें 👉  जातिवादी नफरत की बलि चढ़ा 17 वर्षीय केतन लाल; महिला एकता मंच ने रामनगर में फूंका विरोध का बिगुल

वारदात के बाद राजन फरार हो गया, जबकि यशपाल ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद यशपाल समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से हथियार भी बरामद किए।

Ad_RCHMCT