उत्तराखंड में वर्ष 2021 में 11 वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म के प्रयास के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, हरिद्वार ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 36 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 अप्रैल 2021 की सुबह करीब 5:30 बजे नीलधारा जंगल क्षेत्र में यह वारदात हुई। पीड़ित 11 वर्षीय बालक को आरोपी भीमगोड़ा क्षेत्र से यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसके पिता ने सामान उठाने के लिए बुलाया है। भरोसा दिलाकर वह उसे नीलधारा जंगल ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया।
बालक के विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर पीड़ित ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
परिजनों की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान राजू पुत्र रामू यादव, निवासी मसूरी मुतिहा, जनपद बहराइच (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस ने उसे पंतदीप पार्किंग क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध किए। अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म के प्रयास का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 36 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।




