सरकार का बड़ा फैसला,कोरोना के दौरान अनाथ में बच्चों को सरकारी नौकरी में मिलेगा 5% का आरक्षण

ख़बर शेयर करें -

प्रदेश सरकार ने कोरोना के दौर में अनाथ हुए बच्चों को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद नौकरियों में आरक्षण देने को लेकर भारी असमंजस था। अब शासन ने एक शासनादेश जारी कर इससे जुड़ीं सभी कठिनाइयों को दूर कर दिया है।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में सीएम धामी ने किया 'ओहो रेडियो 89.2 एफएम' का शुभारंभ; कहा— "डिजिटल युग में भी रेडियो जनसंवाद का सशक्त माध्यम"


सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु उनके जन्म के 21 वर्ष तक की अवधि में हुई हो, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। सबसे बड़ा असमंजस अनाथ बच्चों की जाति को लेकर था।

चूंकि आदेश में कहा गया था कि वह अनाथ बच्चे, जिस श्रेणी के होंगे, उसी में उन्हें पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी, चंपावत, टनकपुर और किच्छा में 24×7 जलापूर्ति एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की समीक्षा; अगस्त से शुरू होगी RTO रोड पर जलापूर्ति


अब शासन ने स्पष्ट कर दिया कि अनाथ आश्रमों में रह रहे जिन बच्चों की जाति का पता नहीं चलेगा, उन्हें अनारक्षित वर्ग में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। जिन बच्चों की जाति का पता होगा,

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: आध्यात्मिक राजधानी की ओर मजबूत कदम; चारधाम के साथ मानसखंड के पौराणिक मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड जनसैलाब

उन्हें उनकी श्रेणी जैसे एससी, एसटी, ओबीसी आदि में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा। शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के पदों पर कोई नहीं आता तो उन पदों को संबंधित श्रेणी में काउंट करते हुए भर दिया जाएगा।

Ad_RCHMCT