पीएनजी पीजी कॉलेज रामनगर: “संस्कृत की प्रासंगिकता एवं रोजगार के अवसर” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

ख़बर शेयर करें -

संस्कृत विभागीय परिषद् द्वारा  आयोजित हुआ व्याख्यान

 रामनगर। पीएनजी  राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर के  संस्कृत विभाग के तत्त्वावधान में विभागीय परिषद् द्वारा व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्यवक्ता डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र पूर्व प्राचार्य राजकीय इण्टर कालेज रामनगर ने “संस्कृत की प्रासंगिकता एवं रोजगार के अवसर” विषय पर महत्त्वपूर्ण वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान में बताया कि संस्कृत ज्ञान विज्ञान की भाषा है जिसकी परपरा वेदों से प्रारम्भ होती है, लेकिन शास्त्रों के सम्यक् ज्ञान के लिए शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द एवं ज्योतिष इन छह वेदांगों का समुचित ज्ञान आवश्यक है। इन्होंने अपने वक्तव्य में संस्कृत की प्राचीनता, वैशिष्ट्य एवं समाजोपयोगिता और अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बताया।आगे कहते हैं कि संस्कृत शास्त्रों को पढ़कर व्यक्ति सदाचार, सद्विचार, सद्व्यवहार, सत्प्रवृत्ति आदि नैतिक जिम्मेदारियों को सीखता है।  महाविद्यालय के प्राचार्य  प्रोफेसर एम.सी.पाण्डे ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि संस्कृत दर्शन, कर्मकाण्ड आदि ज्ञान विज्ञान की भाषा के साथ ही कम्प्यूटर के लिए नितान्त  उपयोगी है। आयोजन के संयोजक एवं संस्कृत विभाग प्रभारी डॉ. मूलचन्द्र शुक्ल द्वारा मुख्यवक्ता सहित समस्त अतिथियों का स्वागत किया गया और संस्कृत परिषदीय व्याख्यान की प्रस्तावना प्रस्तुत की गई।कार्यक्रम के अन्त में योग विभाग के प्राध्यापक डॉ. मुरलीधर कापडी ने मुख्यवक्ता सहित सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। व्याख्यान में महाविद्यालय के सभी संकायों की छात्र-छात्राएँ एवं चीफ प्राँक्टर प्रो.एस.एस.मौर्य आदि अनेक  प्राध्यापक  उपस्थित रहे।

Ad_RCHMCT