ग्लेशियर झीलों की प्रभावी निगरानी व भूकंप चेतावनी प्रणाली मजबूत करने के निर्देश।

ख़बर शेयर करें -


ग्लेशियर जोखिम न्यूनीकरण
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में ग्लेशियर झील विस्फोट, भूकंप पूर्व चेतावनी व भूस्खलन न्यूनीकरण कार्यों की समीक्षा की। वसुंधरा झील को पायलट साइट बनाकर अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने व अन्य संवेदनशील झीलों पर लागू करने के निर्देश। वाडिया संस्थान को कार्य टाइमलाइन व न्यूनीकरण उपाय प्रस्तुत करने को कहा।

यह भी पढ़ें 👉  काशीपुर: चैती मेला परिसर में ₹1.46 करोड़ की लागत से बनेंगे दो हाईटेक सुलभ शौचालय, महापौर दीपक बाली ने किया शिलान्यास


भूकंप चेतावनी प्रणाली
169 सेंसर व 112 सायरन स्थापित। आईआईटी रुड़की के साथ एमओयू से 500 स्ट्रॉन्ग मोशन सेंसर व 526 सायरन तैनाती प्रस्तावित। 8 नई सिस्मोलॉजिकल वेधशालाएं। चेतावनी प्रसार को त्वरित व व्यापक बनाने के आदेश।

यह भी पढ़ें 👉  श्री हेमकुंट साहिब यात्रा 2026: राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ऋषिकेश से पहले जत्थे का भव्य प्रस्थान


डेब्रिस फ्लो जोखिम
चमोली, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ में 48 संवेदनशील स्थानों की पहचान। संयुक्त समिति गठित। मुख्य सचिव ने प्राथमिकता से सर्वेक्षण व निवारक कार्य सुनिश्चित करने को कहा। वाडिया निदेशक वी.के. गहलोत सहित वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे होमस्टे पर प्रशासन का डंडा, एसडीएम प्रमोद कुमार के औचक निरीक्षण में पकड़े गए दो अवैध होमस्टे।

Ad_RCHMCT