नैनीताल प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: तीन अपराधी ‘गुंडा’ घोषित, 6 महीने के लिए जिले से निष्कासित

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नैनीताल जनपद में आपराधिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन ने तीन व्यक्तियों को ‘गुंडा’ घोषित कर 6 माह के लिए जिले से निष्कासित (जिला बदर) करने का आदेश पारित किया है। यह कार्रवाई अभियोजन पक्ष के तर्कों और संबंधित व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास के आधार पर की गई है।

जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार,

इमरान पुत्र वकील, निवासी फौजी कॉलोनी पूछड़ी, थाना रामनगर के विरुद्ध वर्ष 2021 से 2024 के बीच भारतीय दंड संहिता (IPC) एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 379/411, 305(ए), 331(4), 317(2) के अंतर्गत कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं।

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वहीं, नवीन सिंह पुत्र चंदन सिंह, निवासी दुत्कानेधार, थाना मुक्तेश्वर के विरुद्ध वर्ष 2016 से 2021 के बीच आबकारी अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, केवल सिंह पुत्र मक्खन सिंह, हाल निवासी मिश्रा घाट छोई, थाना रामनगर के विरुद्ध वर्ष 2022 से 2025 के बीच आबकारी अधिनियम के अंतर्गत चार मुकदमे दर्ज हैं।

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अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों में कहा गया कि ये तीनों व्यक्ति लगातार आपराधिक कृत्यों में संलिप्त रहे हैं, जिससे समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और जनशांति भंग होने की आशंका बनी रहती है।

इन तथ्यों पर विचार करने के पश्चात *जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल ने तीनों को ‘गुंडा’ घोषित करते हुए उन्हें 6 माह की अवधि के लिए जनपद की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया है।* जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट  का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। उन्होंने  स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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