गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जनपद में स्थित विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ऐतिहासिक ‘श्रावणी मेले’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने देवाधिदेव महादेव के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चन की और भगवान शिव से समस्त प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही, लोकपर्व हरेला के उपलक्ष्य में उन्होंने मंदिर परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं को पर्व की बधाई दी।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देवभूमि के इस पौराणिक धाम के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण के लिए लगभग १४७ करोड़ रुपये की लागत से ‘जागेश्वर मास्टर प्लान’ परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर के प्राचीन स्वरूप और गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिकी बेहद मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम के दौरे के बाद से इस पवित्र धाम के प्रति देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में आकर्षण अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि पिछले केवल दो महीनों में ही रिकॉर्ड चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और होमस्टे संचालकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मूल मंत्र को दोहराते हुए उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर रेखांकित किया।

श्रावणी मेले के इस भव्य उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, क्षेत्रीय (जागेश्वर) विधायक मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर.एस. सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय जनता व श्रद्धालु उपस्थित रहे।




