यह समाचार शृंखला मुख्य रूप से उत्तराखंड सरकार द्वारा जुलाई 2026 में लिए गए महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों, बुनियादी ढांचे के विकास, राज्य में आर्थिक प्रगति की समीक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अगुवाई में राज्य में बैंकिंग क्षेत्र को सुदृढ़ करने, पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने, डिजिटल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार करने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

आर्थिक मोर्चे पर, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने पर्वतीय जिलों—बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी—में कम ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) पर चिंता जताई और वहां विशेष लोन कैंप लगाने के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत और वार्षिक ऋण योजना में 96 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि को राज्य के लिए सकारात्मक संकेत माना गया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने बैंकों को निर्देशित किया कि वे केवल तकनीकी कमियों के आधार पर आवेदन निरस्त न करें, बल्कि आवेदकों का मार्गदर्शन करें। इसके अतिरिक्त, वित्तीय ठगी को रोकने के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930 से एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी जैसे प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों को सीधे जोड़ने का बड़ा फैसला लिया गया।
पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में दो बड़ी परियोजनाएं सामने आईं। पहली, टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया गया, जिसमें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को पूरी तरह सौर ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) से संचालित करने, स्थानीय शिल्प और विरासत पर आधारित ‘ट्रेडिशनल विलेज’ बनाने और पुरानी टिहरी के इतिहास को समेटे एक 3D म्यूजियम के निर्माण के निर्देश दिए गए। दूसरी ओर, वन विभाग की समीक्षा में मुख्य सचिव ने आगामी अगस्त माह तक नई ‘ट्रैकिंग पॉलिसी’ कैबिनेट में लाने तथा वनों से जुड़ी सभी बुकिंग (पर्वतारोहण, ट्रैकिंग और विश्राम गृह) को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्देश दिया, ताकि क्षमता से अधिक भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने हेतु अक्टूबर में ‘नेचर गाइड सर्टिफिकेशन कोर्स’ शुरू करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

औद्योगिक विकास और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ‘उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ का आयोजन किया, जिसमें किया, हुंडई, ओएनजीसी, आईटीसी और पैनासोनिक जैसे बड़े कॉरपोरेट घरानों के साथ कौशल विकास, सड़क सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक समझौते किए गए। इसके साथ ही, यूकॉस्ट परिसर में एक अत्याधुनिक ‘स्टार्टअप सेंटर’ के लिए भूमि देने की घोषणा की गई और निर्माणाधीन ‘देहरादून साइंस सिटी’ को विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान प्रयोगशालाओं के जटिल वैज्ञानिक ज्ञान को सुदूर क्षेत्रों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए ‘विज्ञान वाणी’ (88.8 मेगाहर्ट्ज) रेडियो और ‘विज्ञान दृश्यम’ जैसी पहलों का लोकार्पण किया गया।

सीमांत और क्षेत्रीय विकास के तहत मुख्यमंत्री ने चमोली जनपद के गोपेश्वर में ₹155.36 करोड़ की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिसमें पुलों, सड़कों, बाढ़ सुरक्षा, मत्स्य पालन (ट्राउट इंडोर हैचरी) और खेल सुविधाओं (गोपेश्वर बैडमिंटन हॉल) का सुदृढ़ीकरण शामिल है। इसके अलावा, नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा के तहत उधमसिंह नगर के पराग फार्म में राज्य की पहली ‘एविएशन एकेडमी’ स्थापित करने तथा सभी जिला मुख्यालयों व प्रमुख हिल स्टेशनों जैसे लैंसडाउन को देहरादून से सीधी हवाई सेवा से जोड़ने का बड़ा रोडमैप तैयार किया गया, ताकि आपातकालीन और सामान्य हवाई यात्राओं को अधिक सुरक्षित व सुलभ बनाया जा सके।




