उत्तराखंड: कैग रिपोर्ट में खुली कैंपा फंड की गड़बड़ियां, वन विभाग में खलबली

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उत्तराखंड में कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्ट ने वन विभाग के कैंपा (प्रतिकारात्मक वन रोपण निधि प्रबंधन और योजना) के तहत हुए कार्यों में कई अनियमितताएं उजागर की हैं, जिसके बाद वन महकमे में हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट में 2019-20 से 2021-23 के बीच किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें कई गंभीर गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है।

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रिपोर्ट में उल्लेखित है कि कैंपा की राशि से महंगे सामान जैसे फ्रिज, कूलर और आईफोन खरीदे गए। इसके अलावा, वनीकरण के लिए प्राप्त भूमि में कम पौधारोपण कर अधिक संख्या दर्शाने, रखरखाव में गड़बड़ियों और वन भूमि के अनाधिकृत हस्तांतरण जैसी अनियमितताएं पाई गईं।

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इस खुलासे के बाद वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जांच के आदेश दिए हैं, और विभाग के अधिकारियों ने खामियों का परीक्षण करने की बात कही है। अधिकारी अब संबंधित अभिलेखों की जांच कर रहे हैं और पुष्टि कर रहे हैं कि रिपोर्ट में जो कमियां बताई गई हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

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कैंपा के सीईओ समीर सिन्हा ने कहा कि रिपोर्ट में जिन बिंदुओं पर कमियां पाई गई हैं, उनका परीक्षण किया जा रहा है। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग अब इस मामले में पारदर्शिता लाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने की कोशिश कर रहा है।

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